Saturday, 14 November 2015

कविता ३१७. फुरसत में सोचना

                                                                   फुरसत में सोचना
जीवन में जब सोचते है फुरसत में सोचना जरुरी है हर बार सही सोच ना चाहते तो है पर कई बार बात पता चलती सिर्फ अधूरी है
जीवन में आगे जाना हर पल की मज़बूरी है पर जीवन में कभी कभी लगता है रुक जाना भी जरुरी है जीवन की धारा को रोक कर जीवन को समज लेना भी जरुरी है
जीवन की हर साँस संग आगे बढ़ना जरुरी है पर कभी कभी कुछ पलों में जीत की उम्मीद देती नई शुरुआत जो जीवन के लिए जरुरी है
जीवन की हर धारा को समज लेना सही राह की सोच जरुरी है पर कभी कभी रुक कर सोचने की फुरसत है कहा वह राह मुसीबत भरी है
जीवन को हर साँस में समज लेते है क्योंकि जीवन को परख लेना जरुरी है पर कभी कभी जीवन में मतलब इतने बन जाते है की राह को परख लेना एक मुश्किल घड़ी होती है
जीवन के हर मोड़ को समज लेना जीवन में देता बात जरुरी है चाहे कितना भी वक्त क्यों ना लग जाये जीवन को समज लेना जरुरी है
जीवन के हर कदम पर यह सोच जरुरी है की उम्मीद तो दुनिया का वह रंग है जिसे परख लेना मन के लिए जरुरी है साँस लेने जैसी यह मज़बूरी है
अलग हम सोच कर जीवन को समज लेते है हर सही और गलत मोड़ को तो जीवन को समज लेना हमारी जरूरत है
क्योंकि उस सोच से ही दुनिया में सही बात होती है हर बार जीवन की हर पुकार समज लेना जरुरी है जो जीवन को अलग रंग देती है
वह सोच जीवन की जरूरत होती है जिसे समज लेना जीवन में हर बार जरुरी है क्योंकि जब रुक कर सोच लेंगे तो ही जीवन में वह उम्मीद आती है जो जीवन के लिए जरुरी है 

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