Friday, 6 February 2026

कविता. ५७७५. इशारों की आहट संग।

                             इशारों की आहट संग।

इशारों की आहट संग जज्बातों से कोशिश तलाश दिलाती है लम्हों को अरमानों की सोच एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग आवाजों से पहचान उमंग दिलाती है तरानों को बदलावों की आस एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग अंदाजों से परख जज्बात दिलाती है अल्फाजों को राहों की अहमियत एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग दिशाओं से लहर अफसाना दिलाती है दास्तानों को नजारों की सौगात एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग कदमों से मुस्कान आवाज दिलाती है अंदाजों को सपनों की सुबह एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग दास्तानों से उम्मीद पुकार दिलाती है किनारों को अफसानों की सरगम एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग तरानों से आस अल्फाज दिलाती है धाराओं को उम्मीदों की पहचान एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग लहरों से सौगात अदा दिलाती है आशाओं को खयालों की मुस्कान एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग अफसानों से परख उम्मीद दिलाती है किनारों को नजारों की पुकार एहसास सुनाकर चलती है।

इशारों की आहट संग लहरों से कहानी अल्फाज दिलाती है इरादों को आशाओं की महफिल एहसास सुनाकर चलती है।

Thursday, 5 February 2026

कविता. ५७७४. उजालों की समझ से।

                             उजालों की समझ से।

उजालों की समझ से आशाओं की महफिल तलाश देकर जाती है जज्बातों को इशारों की सौगात सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से खयालों की कहानी पहचान देकर जाती है तरानों को बदलावों की उमंग सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से दास्तानों की रोशनी आवाज देकर जाती है किनारों को एहसासों की सोच सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से दिशाओं की सुबह अफसाना देकर जाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से आवाजों की धून अरमान देकर जाती है उम्मीदों को धाराओं की अहमियत सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से लहरों की आहट सपना देकर जाती है नजारों को अरमानों की कोशिश सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से अदाओं की उम्मीद अंदाज देकर जाती है दिशाओं को तरानों की मुस्कान सरगम‌ सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ‌ से राहों की आहट जज्बात देकर जाती है आशाओं को कदमों की सौगात सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से किनारों की आस एहसास देकर जाती है अल्फाजों को लहरों की कहानी सरगम सुनाकर जाती है।

उजालों की समझ से नजारों की परख पुकार देकर जाती है एहसासों को सपनों की आहट सरगम सुनाकर जाती है।


Wednesday, 4 February 2026

कविता. ५७७३. अल्फाजों की पहचान अक्सर।

                        अल्फाजों की पहचान अक्सर।

अल्फाजों की पहचान अक्सर खयालों संग दिशाएं दिलाती है आवाजों की धून संग राहों की अहमियत पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर उजालों संग नजारे दिलाती है लहरों की कहानी संग कदमों की सौगात पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर सपनों संग किनारे दिलाती है बदलावों की आस संग दास्तानों की सुबह पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर आशाओं संग‌ तराने दिलाती है धाराओं की समझ संग किनारों की मुस्कान पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर जज्बातों संग अफसाने दिलाती है कदमों की सौगात संग खयालों की कोशिश पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर आवाजों संग उजाले दिलाती है उम्मीदों की दुनिया संग आशाओं की पहचान पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर लहरों संग इरादे दिलाती है दिशाओं की महफिल संग सपनों की आस पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर अंदाजों संग अदाएं दिलाती है अदाओं की सोच संग अरमानों की तलाश पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर उम्मीदों संग‌ आशाएं दिलाती है खयालों की उमंग संग राहों की सरगम पुकार सुनाती है।

अल्फाजों की पहचान अक्सर जज्बातों संग लम्हे दिलाती है दास्तानों की तलाश संग आवाजों की धून पुकार सुनाती है।


Tuesday, 3 February 2026

कविता. ५७७२. लम्हों की कहानी संग।

                             लम्हों की कहानी संग।

लम्हों की कहानी संग आशाएं अक्सर तलाश देकर जाती है जज्बातों की रोशनी अक्सर अरमान सुनाकर जाती है अदाओं की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग लहरे अक्सर एहसास देकर जाती है धाराओं की समझ अक्सर मुस्कान सुनाकर जाती है राहों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग दिशाएं अक्सर उमंग देकर जाती है दास्तानों की परख अक्सर खयाल सुनाकर जाती है बदलावों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग राहे अक्सर अल्फाज देकर जाती है किनारों की सुबह अक्सर आस सुनाकर जाती है तरानों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग उम्मीदे अक्सर आवाज देकर जाती है अंदाजों की धून अक्सर सौगात सुनाकर जाती है अल्फाजों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग दास्तानें अक्सर पहचान देकर जाती है आशाओं की सोच अक्सर कोशिश सुनाकर जाती है इरादों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग निगाहें अक्सर उम्मीद देकर जाती है खयालों की आस अक्सर तलाश सुनाकर जाती है सपनों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग अदाएं अक्सर अफसाना देकर जाती है राहों की अहमियत अक्सर परख सुनाकर जाती है लहरों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग आवाजें अक्सर अंदाज देकर जाती है कदमों की सौगात अक्सर अल्फाज सुनाकर जाती है उजालों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग अफसाने अक्सर आस देकर जाती है दिशाओं की महफिल अक्सर मुस्कान सुनाकर जाती है इरादों की सरगम देकर जाती है।

Monday, 2 February 2026

कविता. ५७७१. इशारों की तलाश संग।

                          इशारों की तलाश संग।

इशारों की तलाश संग आशाओं से जुडकर रोशनी देकर जाती है कदमों को अल्फाजों की उमंग तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग दिशाओं से जुडकर एहसास देकर जाती है खयालों को सपनों की आहट तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग नजारों से जुडकर लहर देकर जाती है आवाजों को धाराओं की समझ तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग उजालों से जुडकर पुकार देकर जाती है अरमानों को किनारों की मुस्कान तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग कदमों से जुडकर उम्मीद देकर जाती है अंदाजों को लम्हों की महफिल तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग अफसानों से जुडकर राह देकर जाती है बदलावों को उम्मीदों की सौगात तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग आवाजों से जुडकर मुस्कान देकर जाती है उजालों को दास्तानों की सोच तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग जज्बातों से जुडकर अफसाना देकर जाती है आशाओं को अंदाजों की कोशिश तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग लम्हों से जुडकर किनारा देकर जाती है कदमों को एहसासों की दुनिया तराना सुनाकर जाती है।

इशारों की तलाश संग खयालों से जुडकर सपना देकर जाती है लहरों को आवाजों की धून तराना सुनाकर जाती है।

Sunday, 1 February 2026

कविता. ५७७०. अरमानों से जुडकर मुस्कान।

                         अरमानों से जुडकर मुस्कान।

अरमानों से जुडकर मुस्कान एहसास दिलाती है तरानों संग कदमों की सौगात पहचान दिलाती है किनारों की पहचान तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान इशारा दिलाती है लम्हों संग सपनों की दुनिया अल्फाज दिलाती है नजारों की आस तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान बदलाव दिलाती है जज्बातों संग दिशाओं की महफिल उम्मीद दिलाती है इरादों की सुबह तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान खयाल दिलाती है आशाओं संग अफसानों की सोच रोशनी दिलाती है उजालों की राह तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान कोशिश दिलाती है दास्तानों संग उमंगों की आस अहमियत दिलाती है अदाओं की सरगम तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान आवाज दिलाती है अंदाजों संग इरादों की कहानी लहर दिलाती है आशाओं की महफिल तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान सपना दिलाती है उम्मीदों संग खयालों की सुबह पुकार दिलाती है इशारों की आहट तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान अफसाना दिलाती है लहरों संग आवाजों की धून अल्फाज दिलाती है खयालों की रोशनी तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान परख दिलाती है अल्फाजों संग उम्मीदों की सौगात रोशनी दिलाती है लहरों की पुकार तलाश दिलाती है।

अरमानों से जुडकर मुस्कान समझ दिलाती है नजारों संग बदलावों की अहमियत उमंग दिलाती है दास्तानों की सौगात तलाश दिलाती है।



Saturday, 31 January 2026

कविता. ५७६९. आशाओं की कहानी संग।

                           आशाओं की कहानी संग।

आशाओं की कहानी संग नजारों से पहचान सुनाती है दास्तानों को लहरों की कोशिश पुकार दिलाती है आवाजों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग खयालों से एहसास सुनाती है दिशाओं को किनारों की महफिल तलाश दिलाती है तरानों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग जज्बातों से बदलाव सुनाती है अरमानों को लम्हों की पहचान अंदाज दिलाती है अदाओं की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग इरादों से अहमियत सुनाती है अल्फाजों को जज्बातों की रोशनी आस दिलाती है धाराओं की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग उजालों से तलाश सुनाती है कदमों को सपनों की सौगात अफसाना दिलाती है उम्मीदों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग राहों से पुकार सुनाती है इरादों को एहसासों की समझ आस दिलाती है लहरों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग लम्हों से अरमान सुनाती है अफसानों को राहों की अहमियत सरगम दिलाती है खयालों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग कदमों से दास्तान सुनाती है उजालों को बदलावों की रोशनी पुकार दिलाती है अदाओं की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग तरानों से आवाज सुनाती है अंदाजों को उजालों की सुबह उमंग दिलाती है लम्हों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग उम्मीदों से सरगम सुनाती है किनारों को सपनों की आहट तलाश दिलाती है इशारों की धून सुनाकर जाती है।


कविता. ५७७५. इशारों की आहट संग।

                             इशारों की आहट संग। इशारों की आहट संग जज्बातों से कोशिश तलाश दिलाती है लम्हों को अरमानों की सोच एहसास सुनाकर चलत...