अफसानों की समझ अक्सर।
अफसानों की समझ अक्सर मुस्कान सुनाती है खयालों की कश्ती संग उजालों का अलग किनारा देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर सरगम सुनाती है एहसासों की कश्ती संग आवाजों का अलग सपना देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर कोशिश सुनाती है अंदाजों की कश्ती संग दास्तानों का अलग तराना देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर दास्तान सुनाती है इरादों की कश्ती संग कदमों का अलग एहसास देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर तलाश सुनाती है अंदाजों की कश्ती संग बदलावों का अलग जज्बात देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर बदलाव सुनाती है किनारों की कश्ती संग नजारों का अलग आस देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर उमंग सुनाती है आशाओं की कश्ती संग अरमानों का अलग पहचान देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर खयाल सुनाती है दिशाओं की कश्ती संग अल्फाजों का अलग पुकार देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर जज्बात सुनाती है इशारों की कश्ती संग बदलावों का अलग एहसास देकर आगे बढती जाती है।
अफसानों की समझ अक्सर सौगात सुनाती है तरानों की कश्ती संग धाराओं का अलग इरादा देकर आगे बढती जाती है।