Wednesday, 5 August 2026

कविता. ५९५१ दिशाओं को लहरों संग।

                           दिशाओं को लहरों संग।

दिशाओं को लहरों संग सरगम तलाश दिलाती है किनारों को अंदाजों की पहचान जज्बात दिलाती है सपनों की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग पुकार नजारा दिलाती है खयालों को बदलावों की सुबह आवाज दिलाती है अदाओं की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग मुस्कान उजाला दिलाती है अरमानों को लम्हों की सौगात आस दिलाती है राहों की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग परख अफसाना दिलाती है आशाओं को उम्मीदों की सोच रोशनी दिलाती है इशारों की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग दास्तान अरमान दिलाती है धाराओं को तरानों की अहमियत अंदाज दिलाती है कदमों की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग आस बदलाव दिलाती है राहों को अल्फाजों की दुनिया उम्मीद दिलाती है लम्हों की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग राह एहसास दिलाती है नजारों को खयालों की समझ इरादा दिलाती है अफसानों की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग समझ किनारा दिलाती है लम्हों को बदलावों की कोशिश अल्फाज दिलाती है आशाओं की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग रोशनी उमंग दिलाती है आवाजों को उजालों की सोच अरमान दिलाती है धाराओं की कहानी दिलाती है।

दिशाओं को लहरों संग उम्मीद अहमियत दिलाती है जज्बातों को कदमों की आहट इशारा दिलाती है दास्तानों की कहानी दिलाती है।

No comments:

Post a Comment

कविता. ५९५१ दिशाओं को लहरों संग।

                           दिशाओं को लहरों संग। दिशाओं को लहरों संग सरगम तलाश दिलाती है किनारों को अंदाजों की पहचान जज्बात दिलाती है सपनों क...