Friday, 28 August 2026

कविता. ५९७४ कदमों की पहचान अक्सर।

                        कदमों की पहचान अक्सर।

कदमों की पहचान अक्सर मुस्कान दिलाती है तरानों को दिशाओं से सुबह अरमान दिलाती है इरादों को अफसानों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर उजाला दिलाती है लहरों को खयालों से उमंग सरगम दिलाती है आशाओं को अंदाजों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर तलाश दिलाती है उम्मीदों को तरानों की सौगात किनारा दिलाती है जज्बातों को बदलावों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर रोशनी दिलाती है आशाओं को अरमानों की राह नजारा दिलाती है लहरों को सपनों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर अंदाज दिलाती है धाराओं को अल्फाजों की दुनिया सहारा दिलाती है किनारों को आवाजों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर दास्तान दिलाती है इशारों को जज्बातों की रोशनी कोशिश दिलाती है लम्हों को राहों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर अल्फाज दिलाती है उजालों को नगमों की सौगात बदलाव दिलाती है धाराओं को एहसासों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर सुबह दिलाती है जज्बातों को बदलावों की तलाश उमंग दिलाती है नजारों को सपनों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर दास्तान दिलाती है अरमानों को लम्हों की कहानी सुबह दिलाती है तरानों की सोच दिलाती है।

कदमों की पहचान अक्सर आवाज दिलाती है अंदाजों को खयालों की अहमियत कोशिश दिलाती है अदाओं की सोच दिलाती है।




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कविता. ५९७४ कदमों की पहचान अक्सर।

                        कदमों की पहचान अक्सर। कदमों की पहचान अक्सर मुस्कान दिलाती है तरानों को दिशाओं से सुबह अरमान दिलाती है इरादों को अफसा...