Thursday, 20 August 2026

कविता. ५९६६ बदलाव सुनाती है।

                             बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की तलाश से आशाओं को मुस्कान एहसास सुनाती है अंदाजों को सपनों की आहट बदलाव सुनाती है।

हर‌‌ सरगम की आवाज से उजालों को सुबह कोशिश सुनाती है जज्बातों को खयालों की पहचान बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की पुकार से दास्तानों को आस अंदाज सुनाती है अफसानों को कदमों की धून बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की उम्मीद से धाराओं को लहर अल्फाज सुनाती है दिशाओं को नजारों की कोशिश बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की रोशनी से किनारों को सोच अरमान सुनाती है तरानों को आशाओं की परख बदलाव सुनाती है।

हर‌ सरगम की सौगात से अदाओं को दास्तान पुकार सुनाती है धाराओं को इरादों की अहमियत बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की कहानी से उम्मीदों को आवाज तलाश सुनाती है अरमानों को लम्हों की मुस्कान बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की आस से अफसानों को उमंग सपना सुनाती है दास्तानों को अल्फाजों की रोशनी बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की कोशिश से इशारों को लहर उम्मीद सुनाती है कदमों को तरानों की सौगात बदलाव सुनाती है।

हर सरगम की पहचान से अरमानों को पुकार सौगात सुनाती है दिशाओं को धाराओं की समझ बदलाव सुनाती है।

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कविता. ५९६६ बदलाव सुनाती है।

                             बदलाव सुनाती है। हर सरगम की तलाश से आशाओं को मुस्कान एहसास सुनाती है अंदाजों को सपनों की आहट बदलाव सुनाती है। ह...