Tuesday, 25 August 2026

कविता. ५९७१ आवाज दिलाती है।

                               आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग आशाएं‌ तलाश दिलाती है तरानों को दिशाओं संग अहमियत सपना सुनाती है किनारों संग समझ आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग राहे मुस्कान दिलाती है नजारों को लम्हों संग सुबह अंदाज सुनाती है अल्फाजों संग पुकार आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग दास्तानें जज्बात दिलाती है अदाओं को खयालों संग अरमान सुनाती है आशाओं संग सोच आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग धाराएं पहचान दिलाती है इशारों को उजालों संग कोशिश तलाश सुनाती है उम्मीदों संग आस आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग लहरे खयाल दिलाती है अंदाजों को इशारों संग पहचान सोच सुनाती है अरमानों संग सरगम आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग अदाएं उमंग दिलाती है आशाओं को बदलावों संग परख दास्तान सुनाती है खयालों संग लहर आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग मुस्कानें सुबह दिलाती है धाराओं को जज्बातों संग सुबह तराना सुनाती है राहों संग पुकार आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग दिशाएं पुकार दिलाती है कदमों को दास्तानों संग आस सरगम सुनाती है लम्हों संग रोशनी आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग कोशिशें अंदाज दिलाती है राहों को आशाओं संग परख खयाल सुनाती है नजारों संग राह आवाज दिलाती है।

कुछ एहसास के संग उम्मीदें बदलाव दिलाती है धाराओं को बदलावों संग सोच इरादा सुनाती है सपनों संग पहचान आवाज दिलाती है।


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कविता. ५९७३ हर सुबह की किरणें अलग।

                           हर सुबह की किरणें अलग। हर सुबह की किरणें अलग एहसास दिलाती है लम्हों को एहसासों की कोशिश जज्बात दिलाती है तरानों क...