Friday, 1 May 2026

कविता. ५८५९. इशारों की तलाश अक्सर।

                           इशारों की तलाश अक्सर।

इशारों की तलाश अक्सर एहसासों से कोशिश दिलाती है उजालों को सपनों की पुकार संग आशाओं की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर अरमानों से रोशनी दिलाती है कदमों को अल्फाजों की मुस्कान संग धाराओं की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर नजारों से उमंग दिलाती है जज्बातों को दिशाओं की अहमियत संग उम्मीदों की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर खयालों से सरगम दिलाती है किनारों को अंदाजों की आहट संग उजालों की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर अफसानों से सुबह दिलाती है बदलावों को राहों की धारा संग अल्फाजों की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर लहरों से जज्बात दिलाती है आशाओं को कदमों की सौगात संग किनारों की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर आवाजों से‌ धून‌ दिलाती है दास्तानों को नजारों की आस संग लहरों की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर बदलावों से समझ दिलाती है अदाओं को अरमानों की समझ संग अंदाजों की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर जज्बातों से परख दिलाती है उजालों को सपनों की पहचान संग आवाजों की महफिल दिलाती है।

इशारों की तलाश अक्सर तरानों से उमंग दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ संग दास्तानों की महफिल दिलाती है।

कविता. ५८५९. इशारों की तलाश अक्सर।

                           इशारों की तलाश अक्सर। इशारों की तलाश अक्सर एहसासों से कोशिश दिलाती है उजालों को सपनों की पुकार संग आशाओं की महफिल...