Monday, 4 May 2026

कविता. ५८६२. अंदाजों की उम्मीद संग।

                        अंदाजों की उम्मीद संग।

अंदाजों की उम्मीद संग आशाओं को मुस्कान इशारा दिलाती है अरमानों को लम्हों की कहानी पहचान संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग दास्तानों को रोशनी उजाला दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ अल्फाज संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग तरानों को एहसास आवाज दिलाती है नजारों को दिशाओं की महफिल तलाश संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग खयालों को आस कोशिश दिलाती है जज्बातों को कदमों की सौगात उमंग संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग आवाजों को धून परख दिलाती है किनारों को लहरों की सुबह जज्बात संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग धाराओं को राह दास्तान दिलाती है अफसानों को उजालों की आस मुस्कान संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग जज्बातों को सोच तलाश दिलाती है एहसासों को इशारों की सरगम बदलाव संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग अल्फाजों को समझ नजारा दिलाती है आशाओं को तरानों की सोच आहट संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग किनारों को उमंग पुकार दिलाती है अफसानों को अदाओं की धून एहसास संग अरमान जगाती है।

अंदाजों की उम्मीद संग नजारों को सुबह आस दिलाती है धाराओं को बदलावों की रोशनी सोच संग अरमान जगाती है।


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