Thursday, 7 May 2026

कविता. ५८६५ दिशाओं की सुबह अक्सर।

                           दिशाओं की सुबह अक्सर।

दिशाओं की सुबह अक्सर आशाओं की महफिल दिलाती है कदमों को जज्बातों की रोशनी सरगम सुनाती है अदाओं को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर दास्तानों की कहानी दिलाती है अल्फाजों को राहों की अहमियत आवाज सुनाती है तरानों को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर नजारों की आस दिलाती है उजालों को सपनों की पहचान पुकार सुनाती है लम्हों को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर कदमों की तलाश दिलाती है लहरों को खयालों की आहट बदलाव सुनाती है इशारों को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर राहों की सौगात दिलाती है उम्मीदों को अल्फाजों की दुनिया सोच सुनाती है अरमानों को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर अदाओं की उमंग दिलाती है नजारों को तरानों की आवाज दुनिया सुनाती है अंदाजों को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर उम्मीदों की कहानी दिलाती है धाराओं को अरमानों की तलाश इरादा सुनाती है जज्बातों को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर अंदाजों की उम्मीद दिलाती है अफसानों को दास्तानों की सौगात अरमान सुनाती है किनारों को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर अल्फाजों की समझ दिलाती है आशाओं को अंदाजों की पहचान कहानी सुनाती है अदाओं को एहसास दिलाती है।

दिशाओं की सुबह अक्सर बदलावों की परख दिलाती है इरादों को लम्हों की कोशिश तलाश सुनाती है राहों को एहसास दिलाती है।

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कविता. ५८६५ दिशाओं की सुबह अक्सर।

                           दिशाओं की सुबह अक्सर। दिशाओं की सुबह अक्सर आशाओं की महफिल दिलाती है कदमों को जज्बातों की रोशनी सरगम सुनाती है अदा...