Sunday, 24 May 2026

कविता. ५८८२ ‌‌ कदमों की आस संग।

 

                              कदमों की आस संग।

कदमों की आस संग आशाओं की पुकार एहसास सुनाती है तरानों को अफसानों की रोशनी सपना सुनाती है उजालों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग जज्बातों की कहानी अफसाना सुनाती है दिशाओं को लम्हों की आवाज उमंग सुनाती है एहसासों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग अंदाजों की दास्तान अरमान सुनाती है उजालों को खयालों की मुस्कान सरगम सुनाती है धाराओं को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग तरानों की सुबह पहचान सुनाती है लहरों को जज्बातों की अहमियत कहानी सुनाती है अंदाजों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग अरमानों की सोच उमंग सुनाती है किनारों को उम्मीदों की कोशिश इशारा सुनाती है राहों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग लम्हों की समझ अल्फाज सुनाती है इरादों को एहसासों की सौगात बदलाव सुनाती है दास्तानों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग धाराओं की लहर आहट सुनाती है आवाजों को सपनों की पुकार उम्मीद सुनाती है खयालों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग नजारों की कोशिश उम्मीद सुनाती है जज्बातों को बदलावों की परख इरादा सुनाती है नजारों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग आवाजों की धून मुस्कान सुनाती है दास्तानों को अफसानों की सौगात सरगम सुनाती है उम्मीदों को तलाश दिलाती है।

कदमों की आस संग लहरों की अहमियत समझ सुनाती है लहरों को इशारों की आहट उमंग सुनाती है अरमानों को तलाश दिलाती है।


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कविता. ५८८२ ‌‌ कदमों की आस संग।

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