Thursday, 28 May 2026

कविता. ५८८६ उजालों को नजारों की।

                              उजालों को नजारों की।

उजालों को नजारों की आस तलाश दिलाती है लहरों को जज्बातों की रोशनी अफसाना सुनाती है खयालों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की उमंग सोच दिलाती है इशारों को उम्मीदों की पुकार बदलाव सुनाती है किनारों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की कोशिश पुकार दिलाती है राहों को अरमानों की तलाश इरादा सुनाती है कदमों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की रोशनी खयाल दिलाती है सपनों को लम्हों की कहानी अंदाज सुनाती है आशाओं की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की समझ आवाज दिलाती है एहसासों को दिशाओं की महफिल सरगम सुनाती है तरानों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की सोच अल्फाज दिलाती है किनारों को आशाओं की रोशनी दास्तान सुनाती है आवाजों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की मुस्कान लहर दिलाती है अरमानों को अदाओं की धून उमंग सुनाती है बदलावों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की उम्मीद अरमान दिलाती है दास्तानों को धाराओं की समझ आवाज सुनाती है लहरों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की पुकार समझ दिलाती है अरमानों को दिशाओं की आस पहचान सुनाती है राहों की सौगात दिलाती है।

उजालों को नजारों की सुबह अंदाज दिलाती है तरानों को अफसानों की सोच बदलाव सुनाती है धाराओं की सौगात दिलाती है।


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कविता. ५८८६ उजालों को नजारों की।

                              उजालों को नजारों की। उजालों को नजारों की आस तलाश दिलाती है लहरों को जज्बातों की रोशनी अफसाना सुनाती है खयालों ...