Saturday, 23 May 2026

कविता. ५८८१ ‌ एक एहसास को।

                                 एक एहसास को।

एक एहसास को आस इशारा दिलाती है लम्हों को कदमों की सौगात अल्फाज दिलाती है दिशाओं की महफिल तलाश दिलाती है।

एक एहसास को उमंग कोशिश दिलाती है आशाओं को अंदाजों की पुकार सुबह दिलाती है नजारों की आवाज तलाश दिलाती है।

एक एहसास को सरगम सपना दिलाती है तरानों को अरमानों की रोशनी लहर दिलाती है जज्बातों की सौगात तलाश दिलाती है।

एक एहसास को समझ इरादा दिलाती है अंदाजों को बदलावों की पहचान सोच दिलाती है किनारों की लहर तलाश दिलाती है।

एक एहसास को आहट पुकार दिलाती है उजालों को आशाओं की मुस्कान दास्तान दिलाती है धाराओं की सुबह तलाश दिलाती है।

एक एहसास को परख उम्मीद दिलाती है जज्बातों को राहों की अहमियत तराना दिलाती है आवाजों को पुकार तलाश दिलाती है।

एक एहसास को रोशनी अफसाना दिलाती है आवाजों को लहरों की कहानी बदलाव दिलाती है लम्हों की रोशनी तलाश दिलाती है।

एक एहसास को राह अरमान दिलाती है अरमानों को खयालों की आस आवाज दिलाती है अल्फाजों की अदा तलाश दिलाती है।

एक एहसास को सुबह जज्बात दिलाती है आशाओं को इरादों की सरगम सपना दिलाती है दिशाओं की कहानी तलाश दिलाती है।

एक एहसास को दास्तान किनारा दिलाती है धाराओं को इशारों की समझ नजारा दिलाती है उम्मीदों की सोच तलाश दिलाती है।


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कविता. ५८८१ ‌ एक एहसास को।

                                 एक एहसास को। एक एहसास को आस इशारा दिलाती है लम्हों को कदमों की सौगात अल्फाज दिलाती है दिशाओं की महफिल तलाश ...