Tuesday, 5 May 2026

कविता. ५८६३ आवाज की धून से।

                             आवाज की धून से।

आवाज की धून से किनारों पर उम्मीद एहसास दिलाती है उजालों को सपनों की सुबह मुस्कान दिलाती है कदमों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से इशारों पर समझ उमंग दिलाती है लहरों को नजारों की अहमियत सहारा दिलाती है खयालों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से अफसानों पर कोशिश पहचान दिलाती है धाराओं को उम्मीदों की सोच दास्तान दिलाती है तरानों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से जज्बातों पर सरगम तलाश दिलाती है आशाओं को अंदाजों की पुकार आस दिलाती है दिशाओं की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से इरादों पर अहमियत उजाला दिलाती है दास्तानों को दिशाओं की राह सरगम दिलाती है अंदाजों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से अदाओं पर आस बदलाव दिलाती है अफसानों को एहसासों की कोशिश रोशनी दिलाती है अरमानों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से दास्तानों पर सोच अल्फाज दिलाती है इशारों को अदाओं की कहानी पहचान दिलाती है नजारों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से बदलावों पर आस तराना दिलाती है खयालों को उजालों की लहर अल्फाज दिलाती है राहों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से आशाओं पर रोशनी उजाला दिलाती है अंदाजों को जज्बातों की सुबह आस दिलाती है कदमों की सौगात दिलाती है।

आवाज की धून से अंदाजों पर आस मुस्कान दिलाती है तरानों को अफसानों की सोच रोशनी दिलाती है आशाओं की सौगात दिलाती है।


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