Thursday, 30 July 2026

कविता. ५९४५ हर आवाज संग एहसासों की।

                      हर आवाज संग एहसासों की।

हर आवाज संग एहसासों की समझ तलाश दिलाती है दास्तानों को नजारों की सोच सहारा दिलाती है कदमों को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की आस नजारा दिलाती है लहरों को खयालों की सरगम अंदाज दिलाती है आशाओं को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की उमंग जज्बात दिलाती है किनारों को सपनों की आहट अल्फाज दिलाती है धाराओं को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की परख मुस्कान दिलाती है दिशाओं को बदलावों की पुकार आस दिलाती है इशारों को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की लहर इशारा दिलाती है तरानों को अफसानों की कोशिश सौगात दिलाती है जज्बातों को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की सुबह खयाल दिलाती है लम्हों को अंदाजों की आहट सरगम दिलाती है इरादों को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की पहचान इरादा दिलाती है अफसानों को राहों की रोशनी जज्बात दिलाती है उम्मीदों को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की सोच कोशिश दिलाती है कदमों को अल्फाजों की आस उमंग दिलाती है इशारों को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की दुनिया उजाला दिलाती है धाराओं को आशाओं की महफिल दास्तान दिलाती है सपनों को अरमान सुनाती है।

हर आवाज संग एहसासों की सुबह अफसाना दिलाती है उम्मीदों को लहरों की कहानी रोशनी दिलाती है अदाओं को अरमान सुनाती है।




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कविता. ५९४६ इशारों को जज्बातों से।

                            इशारों को जज्बातों से। इशारों को जज्बातों से पहचान अरमान दिलाती है उम्मीद को धाराओं की अहमियत कोशिश दिलाती है तर...