Monday, 13 July 2026

कविता. ५९२८ उजालों की सौगात संग।

                            उजालों की सौगात संग।

उजालों की सौगात संग जज्बातों से पहचान इशारा देती है अरमानों को लम्हों की कहानी सरगम सुनाती है तरानों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग अंदाजों से समझ उम्मीद देती है आवाजों को धाराओं की पहचान पुकार सुनाती है दास्तानों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग दिशाओं से सुबह तलाश देती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया बदलाव सुनाती है उम्मीदों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग आवाजों से मुस्कान तराना देती है इशारों को जज्बातों की रोशनी सपना सुनाती है लहरों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग नजारों से उमंग खयाल देती है अंदाजों को इरादों की सुबह एहसास सुनाती है लम्हों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग धाराओं से सरगम किनारा देती है आशाओं को अदाओं की धून दास्तान सुनाती है राहों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग कदमों से पुकार अल्फाज देती है सपनों को अरमानों की सोच अफसाना सुनाती है आशाओं को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग किनारों से सोच बदलाव देती है आवाजों को धाराओं की समझ सपना‌ सुनाती है एहसासों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग तरानों से पहचान आस देती है बदलावों को उम्मीदों की पुकार अल्फाज सुनाती है नजारों को कोशिश दिलाती है।

उजालों की सौगात संग एहसासों से उम्मीद जज्बात देती है कदमों को दिशाओं की महफिल मुस्कान सुनाती है अदाओं को कोशिश दिलाती है।



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कविता. ५९२८ उजालों की सौगात संग।

                            उजालों की सौगात संग। उजालों की सौगात संग जज्बातों से पहचान इशारा देती है अरमानों को लम्हों की कहानी सरगम सुनाती ...