Saturday, 4 July 2026

कविता. ५९१९ उजालों को सपनों की।

                            उजालों को सपनों की।

उजालों को सपनों की आहट एहसास दिलाती है किनारों को कदमों की अहमियत सुबह दिलाती है अंदाजों की पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की मुस्कान कोशिश दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया अरमान दिलाती है जज्बातों की पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की सरगम उमंग दिलाती है एहसासों को उम्मीदों की आस खयाल दिलाती है दिशाओं की पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की पुकार दास्तान दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ सरगम दिलाती है अरमानों की पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की लहर इशारा दिलाती है राहों को नजारों की सौगात तलाश दिलाती है जज्बातों की पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की सौगात आवाज दिलाती है आशाओं की सरगम मुस्कान दिलाती है इरादों की पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की सोच इरादा दिलाती है एहसासों की कोशिश उमंग दिलाती है अफसानों की कहानी पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की उम्मीद अरमान दिलाती है जज्बातों की रोशनी आस दिलाती है कदमों की महफिल पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की समझ सहारा दिलाती है राहों की अहमियत किनारा दिलाती है लहरों की पुकार पहचान दिलाती है।

उजालों को सपनों की आवाज धून दिलाती है इशारों की महफिल सुबह दिलाती है लम्हों की रोशनी पहचान दिलाती है।

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कविता. ५९१९ उजालों को सपनों की।

                            उजालों को सपनों की। उजालों को सपनों की आहट एहसास दिलाती है किनारों को कदमों की अहमियत सुबह दिलाती है अंदाजों की ...