Saturday, 11 July 2026

कविता. ५९२६ एहसासों को उजालों की।

                         एहसासों को उजालों की।

एहसासों को उजालों की परख तलाश दिलाती है किनारों को कोशिश दास्तान दिलाती है लहरों को खयालों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की सुबह आस दिलाती है दिशाओं को आशा सपना दिलाती है इरादों को अफसानों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की रोशनी पहचान दिलाती है अरमानों को लहर उम्मीद दिलाती है जज्बातों को बदलावों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की आस उमंग दिलाती है राहों को समझ अहमियत दिलाती है धाराओं को नजारों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की सोच तराना दिलाती है उम्मीदों को सोच आवाज दिलाती है इशारों को अदाओं की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की अदा इशारा दिलाती है अफसानों को रोशनी अल्फाज दिलाती है राहों को कदमों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की समझ जज्बात दिलाती है बदलावों को मुस्कान तलाश दिलाती है अंदाजों को राहों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की सुबह अल्फाज दिलाती है लहरों को समझ अरमान दिलाती है आशाओं को अंदाजों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की पहचान नजारा दिलाती है आवाजों को धारा मुस्कान दिलाती है इरादों को तरानों की सरगम सुनाती है।

एहसासों को उजालों की सौगात इशारा दिलाती है उम्मीदों को राह कोशिश दिलाती है अफसानों को दिशाओं की सरगम सुनाती है।



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कविता. ५९२६ एहसासों को उजालों की।

                         एहसासों को उजालों की। एहसासों को उजालों की परख तलाश दिलाती है किनारों को कोशिश दास्तान दिलाती है लहरों को खयालों की...