Friday, 31 July 2026

कविता. ५९४६ इशारों को जज्बातों से।

                            इशारों को जज्बातों से।

इशारों को जज्बातों से पहचान अरमान दिलाती है उम्मीद को धाराओं की अहमियत कोशिश दिलाती है तरानों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से सुबह मुस्कान दिलाती है समझ को बदलावों की पुकार अफसाना दिलाती है आवाजों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से तलाश नजारा दिलाती है राहों को अरमानों की सोच एहसास दिलाती है लहरों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से सरगम परख दिलाती है अदाओं को किनारों की कहानी आस दिलाती है कदमों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से समझ सपना दिलाती है दिशाओं को राहों की दास्तान अंदाज दिलाती है नजारों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से आवाज अल्फाज दिलाती है लम्हों को एहसासों की आस अफसाना दिलाती है धाराओं को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से उम्मीद बदलाव दिलाती है अदाओं को उजालों की सौगात रोशनी दिलाती है राहों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से राह पुकार दिलाती है कदमों को अल्फाजों की लहर अहमियत दिलाती है दास्तानों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से कोशिश अंदाज दिलाती है आशाओं को सपनों की समझ उमंग दिलाती है लम्हों को खयाल दिलाती है।

इशारों को जज्बातों से आहट उजाला दिलाती है नजारों को दिशाओं की महफिल आवाज दिलाती है एहसासों को खयाल दिलाती है।



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