Sunday, 19 July 2026

कविता. ५९३४ ‌‌ आशाओं की सोच अक्सर।

                        आशाओं की सोच अक्सर।

आशाओं की सोच अक्सर सुबह को इशारे देती है किनारों को अंदाजों की पहचान सरगम सुनाती है राहों की सुबह अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर दास्तान को उजाले देती है एहसासों को उम्मीदों की महफिल पुकार सुनाती है दिशाओं की रोशनी अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर आस‌ को तराने देती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया मुस्कान सुनाती है जज्बातों की समझ अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर लहर‌ को नजारे देती है सपनों को तरानों की सरगम आस सुनाती है खयालों की अहमियत अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर उमंग को दास्ताने देती है धाराओं को लम्हों की कहानी कोशिश सुनाती है कदमों की सौगात अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर मुस्कान को अफसाने देती है इरादों को अफसानों की रोशनी आस सुनाती है उजालों की आहट अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर उम्मीद को लहरे देती है सपनों को खयालों की समझ तलाश सुनाती है आवाजों की धून अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर तलाश को किनारे देती है बदलावों को अदाओं की महफिल अंदाज सुनाती है इरादों की‌‌ कोशिश अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर सरगम को लम्हे देती है अफसानों को धाराओं की सौगात उमंग सुनाती है दास्तानों की समझ अरमान जगाती है।

आशाओं की सोच अक्सर आवाज को उम्मीदे देती है‌ दास्तानों को अदाओं की तलाश मुस्कान सुनाती है एहसासों की आस अरमान जगाती है।



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