Monday, 27 July 2026

कविता. ५९४२ एक कोशिश संग।

                               एक कोशिश संग।

एक कोशिश संग आशाओं को अंदाजों की पुकार बदलाव दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग खयालों को सपनों की आवाज इरादा‌ दिलाती है लहरों को जज्बातों की कहानी मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग जज्बातों को दिशाओं की पहचान उमंग दिलाती है उजालों को लम्हों की सौगात मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग किनारों को धाराओं की समझ सरगम दिलाती है अरमानों को लम्हों की उम्मीद मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग दास्तानों को अदाओं की तलाश आस दिलाती है एहसासों को अफसानों की आहट मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग तरानों को उजालों की परख रोशनी दिलाती है बदलावों को इशारों की आस मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग धाराओं को इरादों की सुबह एहसास दिलाती है अदाओं को आशाओं की अहमियत मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग राहों को लहरों की आस सरगम दिलाती है आवाजों को दास्तानों की पहचान मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग उम्मीदों को कदमों की समझ खयाल दिलाती है राहों को खयालों की सोच मुस्कान दिलाती है।

एक कोशिश संग दिशाओं को नजारों की आहट आवाज दिलाती है अरमानों को लम्हों की कहानी मुस्कान दिलाती है।

No comments:

Post a Comment

कविता. ५९४२ एक कोशिश संग।

                               एक कोशिश संग। एक कोशिश संग आशाओं को अंदाजों की पुकार बदलाव दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया मुस्कान दिला...