Tuesday, 11 August 2026

कविता. ५९५७ हर सुबह की किरणें।

                               हर सुबह की किरणें।

हर सुबह की किरणें कोशिश संग कहानी देती है जज्बातों को बदलावों की समझ इशारा देती है अल्फाजों को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें खयाल संग अफसाना देती है धाराओं को उम्मीदों की रोशनी खयाल देती है अरमानों को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें दास्तान संग इरादा देती है खयालों को नजारों की आहट मुस्कान देती है आशाओं को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें बदलाव संग अल्फाज देती है तरानों को अफसानों की सोच अहमियत देती है कदमों को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें उमंग संग सपना देती है इशारों को आवाजों की पुकार अरमान देती है अदाओं को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें एहसास संग पहचान देती है लम्हों को दिशाओं की कहानी सरगम देती है उजालों को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें सोच संग तलाश देती है लहरों को इशारों की अहमियत पहचान देती है अरमानों को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें अरमान संग पुकार देती है सपनों को आवाजों की सरगम तराना देती है धाराओं को अंदाज देती है।

हर सुबह की किरणें परख‌ संग सौगात देती है राहों को जज्बातों की दुनिया पुकार देती है दास्तानों को अंदाज देती है।

हर‌ सुबह की किरणें रोशनी संग सरगम देती है उम्मीदों को बदलावों की कहानी लहर देती है किनारों को अंदाज देती है।

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कविता. ५९५७ हर सुबह की किरणें।

                               हर सुबह की किरणें। हर सुबह की किरणें कोशिश संग कहानी देती है जज्बातों को बदलावों की समझ इशारा देती है अल्फाजो...