Tuesday, 30 June 2026

कविता. ५९१५ कदमों की सौगात अक्सर।

                           कदमों की सौगात अक्सर।

कदमों की सौगात अक्सर पुकार दिलाती है लहरों को खयालों की सरगम खयाल दिलाती है तरानों को बदलावों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर मुस्कान दिलाती है दिशाओं को अफसानों की रोशनी उमंग दिलाती है राहों को एहसासों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर कोशिश दिलाती है नजारों को दिशाओं की महफिल तलाश दिलाती है उम्मीदों को अंदाजों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर सपना दिलाती है जज्बातों को इशारों की आस अरमान दिलाती है लहरों को इरादों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर अल्फाज दिलाती है आशाओं को उजालों की सुबह पहचान दिलाती है धाराओं को नजारों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर इरादा दिलाती है राहों को अरमानों की अहमियत कोशिश दिलाती है दास्तानों को लम्हों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर कहानी दिलाती है एहसासों को किनारों की मुस्कान अफसाना दिलाती है जज्बातों को इशारों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर अरमान दिलाती है आशाओं को खयालों की सरगम आस दिलाती है नजारों को सपनों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर तलाश दिलाती है इरादों को अफसानों की समझ उजाला दिलाती है खयालों को अल्फाजों की आवाज दिलाती है।

कदमों की सौगात अक्सर पहचान दिलाती है तरानों को अदाओं की धून पहचान दिलाती है लहरों को अरमानों की आवाज दिलाती है।

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कविता. ५९१६ किनारों संग एहसासों की।

                           किनारों संग एहसासों की। किनारों संग एहसासों की कोशिश सुबह दिलाती है उजालों को सपनों की पहचान सरगम सुनाती है तरानो...