Saturday, 6 June 2026

कविता. ५८९५ एक एहसास संग।

 

                          एक एहसास संग।

एक एहसास संग अरमान की कहानी आस दिलाती है खयालों की सरगम संग अल्फाजों से आहट दिलाती है जज्बातों की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग बदलाव की पुकार कोशिश दिलाती है तरानों की परख संग धाराओं से पहचान दिलाती है आशाओं की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग अल्फाज की धून सरगम दिलाती है इशारों की तलाश संग दिशाओं से अहमियत दिलाती है कदमों की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग लहर की उमंग आवाज दिलाती है अफसानों की सोच संग किनारों से उम्मीद दिलाती है राहों की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग कोशिश की आस बदलाव दिलाती है अंदाजों की सौगात संग दास्तानों से सपना दिलाती है लम्हों की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग अंदाज की सौगात अफसाना दिलाती है किनारों की मुस्कान संग धाराओं से समझ दिलाती है अदाओं की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग पहचान की दास्तान लहर दिलाती है आवाजों की समझ संग उजालों से इशारा दिलाती है सपनों की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग समझ की तलाश अल्फाज दिलाती है अरमानों की सोच संग नजारों से पहचान दिलाती है अंदाजों की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग आहट की सोच उमंग दिलाती है कदमों की आस संग तरानों से सुबह दिलाती है किनारों की रोशनी दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान की लहर आवाज दिलाती है दिशाओं की कहानी संग जज्बातों से कोशिश दिलाती है सपनों की रोशनी दिलाती है।


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कविता. ५८९५ एक एहसास संग।

                            एक एहसास संग। एक एहसास संग अरमान की कहानी आस दिलाती है खयालों की सरगम संग अल्फाजों से आहट दिलाती है जज्बातों की ...