Friday, 26 June 2026

कविता. ५९१५ अंदाजों संग अफसानों की।

                      अंदाजों संग अफसानों की।

अंदाजों संग अफसानों की कोशिश सरगम सुनाती है धाराओं को उम्मीदों की पुकार उमंग सुनाती है इरादों के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की समझ आवाज सुनाती है दिशाओं को नजारों की आहट अल्फाज सुनाती है कदमों के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की रोशनी जज्बात सुनाती है तरानों को बदलावों की सोच तलाश सुनाती है खयालों के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की लहर एहसास सुनाती है राहों को किनारों की आस सपना सुनाती है तरानों के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की आस पहचान सुनाती है आशाओं को लम्हों की परख अल्फाज सुनाती है धाराओं के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की सरगम दास्तान सुनाती है उजालों को अदाओं की धून पुकार सुनाती है जज्बातों के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की कहानी लहर सुनाती है उम्मीदों को लम्हों की समझ खयाल सुनाती है राहों के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की सोच आवाज सुनाती है दास्तानों को इशारों की सौगात जज्बात सुनाती है अदाओं के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की उमंग इशारा सुनाती है आशाओं को तरानों की परख सरगम आस सुनाती है उजालों के अरमान सुनाती है।

अंदाजों संग अफसानों की पुकार एहसास सुनाती है इरादों को इशारों की उम्मीद दास्तान सुनाती है नजारों के अरमान सुनाती है।



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कविता. ५९१५ अंदाजों संग अफसानों की।

                      अंदाजों संग अफसानों की। अंदाजों संग अफसानों की कोशिश सरगम सुनाती है धाराओं को उम्मीदों की पुकार उमंग सुनाती है इरादों ...