Thursday, 4 June 2026

कविता. ५८९३ लम्हों को आशाओं की।

 

                         लम्हों को आशाओं की।

लम्हों को आशाओं की महफिल पुकार दिलाती है इशारों को जज्बातों की रोशनी सरगम दिलाती है आवाजों की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की कहानी कोशिश दिलाती है तरानों को बदलावों की आस एहसास दिलाती है अंदाजों की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की उम्मीद तलाश दिलाती है खयालों को सपनों की पुकार अफसाना दिलाती है दिशाओं की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की उमंग इरादा दिलाती है अरमानों को राहों की समझ सुबह दिलाती है दास्तानों की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की परख खयाल दिलाती है बदलावों को धाराओं की आहट अंदाज दिलाती है कदमों की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की पहचान उजाला दिलाती है आवाजों को लहरों की कहानी एहसास दिलाती है अदाओं की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की सरगम सौगात दिलाती है धाराओं को किनारों की मुस्कान तलाश दिलाती है तरानों की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की समझ बदलाव दिलाती है इरादों को अल्फाजों की दास्तान उजाला दिलाती है अरमानों की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की आस आहट दिलाती है नजारों को दिशाओं की दुनिया पहचान दिलाती है कदमों की धून दिलाती है।

लम्हों को आशाओं की दास्तान अरमान दिलाती है उजालों को उम्मीदों की सोच बदलाव दिलाती है सपनों की धून दिलाती है।

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कविता. ५८९३ लम्हों को आशाओं की।

                           लम्हों को आशाओं की। लम्हों को आशाओं की महफिल पुकार दिलाती है इशारों को जज्बातों की रोशनी सरगम दिलाती है आवाजों की...