Sunday, 28 June 2026

कविता. ५९१३ एहसासों को उमंग अक्सर।

 

                        एहसासों को उमंग अक्सर।

एहसासों को उमंग अक्सर तलाश दिलाती है कदमों को अरमानों की सुबह खयाल सुनाती है उजालों को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर कोशिश दिलाती है नजारों को दिशाओं की महफिल सरगम सुनाती है इशारों को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर अंदाज दिलाती है जज्बातों को बदलावों की सोच कहानी सुनाती है धाराओं को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर अफसाना दिलाती है लम्हों को किनारों की पहचान पुकार सुनाती है आशाओं को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर सुबह दिलाती है दिशाओं को इरादों की कोशिश उम्मीद सुनाती है अदाओं को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर आवाज दिलाती है दास्तानों को राहों की रोशनी परख सुनाती है लहरों को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर सोच दिलाती है किनारों को कदमों की मुस्कान अफसाना सुनाती है जज्बातों को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर अरमान दिलाती है आशाओं को अंदाजों की पुकार समझ सुनाती है अंदाजों को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर उम्मीद दिलाती है इशारों को जज्बातों की सोच पहचान सुनाती है अफसानों को सपना देकर जाती है।

एहसासों को उमंग अक्सर उजाला दिलाती है अंदाजों को किनारों की अहमियत इरादा सुनाती है तरानों को सपना देकर जाती है।

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कविता. ५९१३ एहसासों को उमंग अक्सर।

                          एहसासों को उमंग अक्सर। एहसासों को उमंग अक्सर तलाश दिलाती है कदमों को अरमानों की सुबह खयाल सुनाती है उजालों को सपना...