Tuesday, 16 June 2026

कविता. ५९०५ आशाओं से लहर अक्सर।

 

                   आशाओं से लहर अक्सर।

आशाओं से लहर अक्सर मुस्कान सुनाती है इशारों को दिशाओं की महफिल उमंग दिलाती है बदलावों को धाराओं की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर पहचान सुनाती है उजालों को सपनों की पुकार खयाल दिलाती है कदमों को अल्फाजों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर सपना सुनाती है जज्बातों को इशारों की आहट कोशिश दिलाती है अंदाजों को राहों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर आवाज सुनाती है एहसासों को किनारों की मुस्कान अरमान दिलाती है बदलावों को नजारों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर अरमान सुनाती है धाराओं को अल्फाजों की दुनिया उम्मीद दिलाती है लम्हों को खयालों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर तराना सुनाती है अदाओं को दास्तानों की आस अफसाना दिलाती है अफसानों को सपनों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर तलाश सुनाती है नजारों को उम्मीदों की महफिल सरगम दिलाती है तरानों को उजालों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर समझ सुनाती है आवाजों को अरमानों की सोच रोशनी दिलाती है किनारों को अंदाजों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर बदलाव सुनाती है कदमों को लम्हों की कोशिश आस दिलाती है खयालों को इरादों की कहानी सुनाती है।

आशाओं से लहर अक्सर परख दिलाती है उजालों को एहसासों की समझ पहचान दिलाती है धाराओं को अरमानों की कहानी सुनाती है।

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कविता. ५९०५ आशाओं से लहर अक्सर।

                     आशाओं से लहर अक्सर। आशाओं से लहर अक्सर मुस्कान सुनाती है इशारों को दिशाओं की महफिल उमंग दिलाती है बदलावों को धाराओं की ...