Monday, 31 August 2026

कविता. ५९७७ हर कहानी को जज्बातों संग।

                        हर‌ कहानी को जज्बातों संग।

हर कहानी को जज्बातों संग अरमान दिलाती है उजालों को सपनों की आहट एहसास दिलाती है लम्हों की कोशिश दिलाती है।

हर‌ कहानी को जज्बातों संग खयाल‌ दिलाती है लहरों को बदलावों की पुकार अफसाना दिलाती है नजारों की कोशिश दिलाती है।

हर कहानी को जज्बातों संग आवाज दिलाती है कदमों को अल्फाजों की उमंग लहर दिलाती है आशाओं की कोशिश दिलाती है।

हर कहानी को जज्बातों संग दास्तान दिलाती है धाराओं को अरमानों की सोच तलाश दिलाती है राहों की कोशिश दिलाती है।

हर कहानी को जज्बातों संग परख दिलाती है तरानों को अफसानों की समझ सरगम दिलाती है धाराओं की कोशिश दिलाती है।

हर कहानी को जज्बातों संग सौगात दिलाती है इशारों को लहरों की सुबह अंदाज दिलाती है किनारों की कोशिश दिलाती है।

हर कहानी को जज्बातों संग अल्फाज दिलाती है दिशाओं को राहों की पहचान इरादा दिलाती है अरमानों की कोशिश दिलाती है।

हर कहानी को जज्बातों संग आस दिलाती है इरादों को सपनों की सरगम अंदाज दिलाती है कदमों की कोशिश दिलाती है।

हर‌ कहानी को जज्बातों संग तलाश दिलाती है कदमों को अंदाजों की सोच खयाल दिलाती है अदाओं की कोशिश दिलाती है।

हर कहानी को जज्बातों संग रोशनी दिलाती है खयालों को इरादों की समझ उमंग दिलाती है लहरों की कोशिश दिलाती है।



No comments:

Post a Comment

कविता. ६०१५ उजालों की सुबह संग।

                          उजालों की सुबह संग। उजालों की सुबह संग आशाओं से तलाश इशारा देकर जाती है अरमानों को लम्हों की रोशनी सरगम सुनाकर जात...