Tuesday, 4 April 2023

कविता. ४७६६. आवाजों कि धून अक्सर।

                                    आवाजों कि धून अक्सर।

आवाजों कि धून अक्सर दिशाओं से सोच सुनाती है लम्हों को खयालों कि समझ मुस्कान दिलाती है उजालों से अंदाजों कि आस एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर दास्तानों से सुबह सुनाती है राहों को अंदाजों कि आस अल्फाज दिलाती है इशारों से अरमानों कि पुकार एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर नजारों से आहट सुनाती है कदमों को अदाओं कि पुकार कोशिश दिलाती है खयालों से किनारों कि समझ एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर तरानों से उमंग सुनाती है दिशाओं को बदलावों कि सौगात उम्मीद दिलाती है लम्हों से दास्तानों कि परख एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर जज्बातों से आस सुनाती है नजारों को दिशाओं कि कहानी अरमान दिलाती है तरानों से अदाओं कि सौगात एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर आशाओं से कोशिश सुनाती है तरानों को उम्मीदों कि लहर रोशनी दिलाती है अंदाजों से सपनों कि लहर एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर अरमानों से सरगम सुनाती है उम्मीदों को किनारों कि सोच अहमियत दिलाती है राहों से अफसानों कि रोशनी एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर अंदाजों से किनारा सुनाती है दिशाओं को बदलावों कि सोच परख दिलाती है कदमों से जज्बातों कि मुस्कान एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर उम्मीदों से आस सुनाती है लम्हों को इशारों कि सौगात कोशिश दिलाती है नजारों से अल्फाजों कि आहट एहसास सुनाती है।

आवाजों कि धून अक्सर दिशाओं से खयाल सुनाती है नजारों को राहों कि मुस्कान पहचान दिलाती है लहरों से खयालों कि उमंग एहसास सुनाती है।

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