Friday, 13 October 2023

कविता. ४९५८. खयालों को अंदाजों की।

                               खयालों को अंदाजों की।

खयालों को अंदाजों की परख अफसाना देती है कदमों को अदाओं की पुकार मुस्कान दिलाती है किनारों को सपनों की सुबह अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की आस सरगम देती है दास्तानों को एहसासों की कहानी रोशनी दिलाती है नजारों को दिशाओं की पुकार अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की आवाज जज्बात देती है अरमानों को सपनों की उमंग सपना दिलाती है लम्हों को अफसानों की समझ अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की लहर सुबह देती है उम्मीदों को अल्फाजों की आस कहानी दिलाती है तरानों को इशारों की सौगात अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की कोशिश इशारा देती है इरादों को आशाओं की उम्मीद अल्फाज दिलाती है नजारों को राहों की परख अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की सोच नजारा देती है लहरों को उजालों की सुबह एहसास दिलाती है आवाजों को अदाओं की जज्बात अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की राह उमंग देती है किनारों को सपनों की पुकार आस दिलाती है कदमों को आशाओं की कोशिश अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की रोशनी बदलाव देती है कदमों को अदाओं की अदा सहारा दिलाती है लम्हों को अरमानों की सरगम अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की अरमान आस देती है तरानों को उजालों की सुबह सपना दिलाती है किनारों को नजारों की कहानी अहमियत दिलाती है।

खयालों को अंदाजों की कोशिश लहर देती है बदलावों को जज्बातों की सौगात तलाश दिलाती है तरानों को उम्मीदों की सोच अहमियत दिलाती है।



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