Saturday, 31 January 2026

कविता. ५७६९. आशाओं की कहानी संग।

                           आशाओं की कहानी संग।

आशाओं की कहानी संग नजारों से पहचान सुनाती है दास्तानों को लहरों की कोशिश पुकार दिलाती है आवाजों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग खयालों से एहसास सुनाती है दिशाओं को किनारों की महफिल तलाश दिलाती है तरानों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग जज्बातों से बदलाव सुनाती है अरमानों को लम्हों की पहचान अंदाज दिलाती है अदाओं की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग इरादों से अहमियत सुनाती है अल्फाजों को जज्बातों की रोशनी आस दिलाती है धाराओं की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग उजालों से तलाश सुनाती है कदमों को सपनों की सौगात अफसाना दिलाती है उम्मीदों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग राहों से पुकार सुनाती है इरादों को एहसासों की समझ आस दिलाती है लहरों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग लम्हों से अरमान सुनाती है अफसानों को राहों की अहमियत सरगम दिलाती है खयालों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग कदमों से दास्तान सुनाती है उजालों को बदलावों की रोशनी पुकार दिलाती है अदाओं की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग तरानों से आवाज सुनाती है अंदाजों को उजालों की सुबह उमंग दिलाती है लम्हों की धून सुनाकर जाती है।

आशाओं की कहानी संग उम्मीदों से सरगम सुनाती है किनारों को सपनों की आहट तलाश दिलाती है इशारों की धून सुनाकर जाती है।


No comments:

Post a Comment

कविता. ५८६४ सपनों की आहट संग।

                           सपनों की आहट संग। सपनों की आहट संग आशाओं से कोशिश दिलाती है खयालों से जुडकर इरादों की पहचान उमंग दिलाती है अल्फाज...