Friday, 4 September 2026

कविता. ५९७१ एक एहसास संग मुस्कान।

                        एक एहसास संग मुस्कान।

एक एहसास संग मुस्कान नया इशारा दिलाती है कदमों को किनारों से अक्सर पहचान दिलाती है तरानों को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया नजारा दिलाती है लहरों को खयालों से अक्सर तलाश दिलाती है अंदाजों को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया जज्बात दिलाती है धाराओं को उम्मीदों से अक्सर रोशनी दिलाती है बदलावों को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया तराना दिलाती है अरमानों को दिशाओं से अक्सर दास्तान दिलाती है आशाओं को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया खयाल दिलाती है जज्बातों को बदलावों से अक्सर समझ दिलाती है आवाजों को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया बदलाव दिलाती है दास्तानों को अंदाजों से अक्सर अरमान दिलाती है राहों को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया सपना दिलाती है अल्फाजों को दिशाओं से अक्सर सरगम दिलाती है लम्हों को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया सुबह दिलाती है उजालों को धाराओं से अक्सर पुकार दिलाती है दिशाओं को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया लहर दिलाती है आशाओं को अंदाजों से अक्सर अफसाना दिलाती है नजारों को उमंग दिलाती है।

एक एहसास संग मुस्कान नया कोशिश दिलाती है अल्फाजों को उजालों से अक्सर सरगम दिलाती है उम्मीदों को उमंग दिलाती है।


No comments:

Post a Comment

कविता. ५९७१ एक एहसास संग मुस्कान।

                        एक एहसास संग मुस्कान। एक एहसास संग मुस्कान नया इशारा दिलाती है कदमों को किनारों से अक्सर पहचान दिलाती है तरानों को उ...