Sunday, 6 August 2023

कविता. ४८९०. उजालों संग आस से।

                                      उजालों संग आस से।

उजालों संग आस से एहसासों की आहट मुस्कान दिलाती है कदमों की कहानी अक्सर खयालों की समझ सुनाती है जज्बातों को अंदाजों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से तरानों की सुबह पहचान दिलाती है किनारों की आवाज अक्सर धाराओं की कोशिश सुनाती है अल्फाजों को राहों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से नजारों की कहानी बदलाव दिलाती है लम्हों की पहचान अक्सर दास्तानों की परख सुनाती है एहसासों को उम्मीदों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से अरमानों की पुकार खयाल दिलाती है तरानों की उमंग अक्सर जज्बातों की सौगात सुनाती है बदलावों को लम्हों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से दास्तानों की कोशिश अफसाना दिलाती है इरादों की सौगात अक्सर सपनों की सुबह सुनाती है अरमानों को आवाजों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से जज्बातों की सौगात उम्मीद दिलाती है आशाओं की रोशनी अक्सर अल्फाजों की सरगम सुनाती है खयालों को इशारों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से अल्फाजों की पुकार तलाश दिलाती है अंदाजों की सोच अक्सर बदलावों की कहानी सुनाती है इरादों को अदाओं की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से अंदाजों की समझ तराना दिलाती है लम्हों की पहचान अक्सर लहरों की अहमियत सुनाती है इशारों को किनारों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से नजारों की सोच सपना दिलाती है अल्फाजों की कहानी अक्सर बदलावों की आहट सुनाती है दिशाओं को खयालों की सोच दिलाती है।

उजालों संग आस से अफसानों की राह कोशिश दिलाती है इशारों की पहचान अक्सर दास्तानों की मुस्कान सुनाती है लहरों को नजारों की सोच दिलाती है।

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