Sunday, 11 February 2024

कविता. ५०७९. जज्बात संग आशाओं की।

                             जज्बात संग आशाओं की।

जज्बात संग आशाओं की लहर एहसास सुनाती है सपनों को अंदाजों से आहट बदलाव दिलाती है राहों की मुस्कान अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की रोशनी तराना सुनाती है लम्हों को खयालों से आस इशारा दिलाती है लहरों की सुबह अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की सोच सरगम सुनाती है लहरों को किनारों से अदा अल्फाज दिलाती है उजालों की पुकार अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की समझ खयाल सुनाती है तरानों को अरमानों से पुकार पहचान दिलाती है दास्तानों की परख अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की मुस्कान कोशिश सुनाती है अंदाजों को इरादों से सोच एहसास दिलाती है आवाजों की धून अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की दिशा अरमान सुनाती है राहों को सपनों से पहचान सहारा दिलाती है अंदाजों की सौगात अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की उमंग अफसाना सुनाती है उम्मीदों को कदमों से धाराएं दास्तान दिलाती है अदाओं की पहचान अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की परख सौगात सुनाती है नजारों को राहों से आवाज सुबह दिलाती है उम्मीदों की मुस्कान अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की कहानी उमंग सुनाती है कदमों को अदाओं से समझ अरमान दिलाती है दिशाओं की कहानी अक्सर तलाश सुनाती है।

जज्बात संग आशाओं की सोच तराना सुनाती है लहरों को इशारों से आस अल्फाज दिलाती है कदमों की सरगम अक्सर तलाश सुनाती है।

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