Tuesday, 27 February 2024

कविता. ५०९५. उजालों से आवाजों की।

                              उजालों से आवाजों की।

उजालों से आवाजों की धून तलाश दिलाती है लम्हों को खयालों की सरगम सहारा दिलाती है कदमों को अदाओं की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की मुस्कान इशारा दिलाती है कदमों को जज्बातों की समझ सुबह दिलाती है किनारों को सपनों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की कहानी कोशिश दिलाती है इरादों को उम्मीदों की सरगम तराना दिलाती है अरमानों को दास्तानों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की उमंग अफसाना दिलाती है उम्मीदों को कदमों की आहट धारा दिलाती है सपनों को एहसासों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की सरगम सहारा दिलाती है किनारों को अल्फाजों की सोच अफसाना दिलाती है नजारों को खयालों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की आस बदलाव दिलाती है एहसासों को तरानों की पुकार अहमियत दिलाती है सपनों को अरमानों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की दास्तान पुकार दिलाती है अंदाजों को इशारों की कहानी तलाश दिलाती है अल्फाजों को लम्हों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की परख खयाल दिलाती है नजारों को राहों की मुस्कान अरमान दिलाती है लहरों को बदलावों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की रोशनी पहचान दिलाती है दास्तानों को कदमों की धून अहमियत दिलाती है एहसासों को लहरों की सौगात दिलाती है।

उजालों से आवाजों की उमंग आहट दिलाती है आशाओं को दिशाओं की समझ सपना दिलाती है अल्फाजों को जज्बातों की सौगात दिलाती है।

No comments:

Post a Comment

कविता. ५८४४. इशारों की आहट संग।

                           इशारों की आहट संग। इशारों की आहट संग आवाजों से जुडकर अंदाजों की समझ तलाश दिलाती है किनारों को कदमों की आस अरमान द...