Thursday, 22 February 2024

कविता. ५०९०. अंदाजों को जज्बातों की।

                            अंदाजों को जज्बातों की।

अंदाजों को जज्बातों की तलाश इशारा देती है किनारों से अल्फाजों की मुस्कान उमंग सुनाती है तरानों को उम्मीदों की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की कोशिश उमंग देती है तरानों से दिशाओं की समझ अफसाना सुनाती है खयालों को आवाजों की सुबह दिलाती है। 

अंदाजों को जज्बातों की सौगात खयाल देती है आशाओं से अरमानों की आस लहर सुनाती है किनारों को एहसासों की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की आस अल्फाज देती है कदमों से आशाओं की सोच सरगम सुनाती है लम्हों को राहों की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की आवाज सरगम देती है लहरों से इरादों की उम्मीद अफसाना सुनाती है आवाजों को बदलावों की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की कहानी तलाश देती है उम्मीदों से धाराओं की सौगात आहट सुनाती है तरानों को आशाओं की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की रोशनी उजाला देती है लम्हों से अरमानों की सोच अफसाना सुनाती है एहसासों को अदाओं की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की उम्मीद मुस्कान देती है उजालों से आशाओं की रोशनी परख सुनाती है दिशाओं को कदमों की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की सोच सौगात देती है सपनों से उम्मीदों की तलाश बदलाव सुनाती है तरानों को अरमानों की सुबह दिलाती है।

अंदाजों को जज्बातों की आहट किनारा देती है खयालों से अरमानों की आहट इरादा सुनाती है लम्हों को दास्तानों की सुबह दिलाती है।

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