Saturday, 5 September 2026

कविता. ५९७२ हर कदम संग एक।

                             हर कदम संग एक।

हर कदम संग एक आहट एहसास सुनाती है दिशाओं को लहरों की अहमियत कहानी दिलाती है अरमानों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक परख आवाज सुनाती है इशारों को जज्बातों की पुकार अफसाना दिलाती है खयालों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक समझ जज्बात सुनाती है अंदाजों को नजारों की आस तलाश दिलाती है बदलावों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक सौगात मुस्कान सुनाती है राहों को अल्फाजों की दुनिया खयाल दिलाती है किनारों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक सरगम कोशिश सुनाती है तरानों को सपनों की पहचान नजारा दिलाती है धाराओं को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक पुकार दास्तान सुनाती है अदाओं को एहसासों की सोच रोशनी दिलाती है सपनों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक कोशिश समझ सुनाती है आशाओं को लम्हों की अहमियत अफसाना दिलाती है लहरों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक आस अंदाज सुनाती है किनारों को दास्तानों की समझ अरमान दिलाती है जज्बातों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक राह सोच सुनाती है अल्फाजों को बदलावों की पहचान इशारा दिलाती है नजारों को उजाला दिलाती है।

हर कदम संग एक सुबह लहर सुनाती है जज्बातों को इशारों की तलाश उमंग दिलाती है एहसासों को उजाला दिलाती है।

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कविता. ५९७४ एक लहर अक्सर।

                            एक लहर अक्सर। एक लहर अक्सर आशाओं की महफिल अरमान जगाती है दास्तानों को नजारों की आहट समझ दिलाती है इरादों की पुका...