Sunday, 6 September 2026

कविता. ५९७३ उजालों की कोशिश अक्सर।

                        उजालों की कोशिश अक्सर।

उजालों की कोशिश अक्सर पुकार सुनाती है उम्मीद कोई रोशनी देकर जाती है जज्बातों को लम्हों की सुबह सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर उमंग सुनाती है दास्तान कोई आवाज देकर जाती है एहसासों को कदमों की आस सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर आस सुनाती है तलाश कोई इशारा देकर जाती है अरमानों को दिशाओं की कहानी सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर कोशिश सुनाती है सोच कोई मुस्कान देकर जाती है अल्फाजों को जज्बातों की पुकार सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर अफसाना सुनाती है लहर कोई पहचान देकर जाती है धाराओं को इशारों की अहमियत सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर मुस्कान सुनाती है राह कोई एहसास देकर जाती है दास्तानों को नजारों की आस सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर आवाज सुनाती है आहट कोई किनारा देकर जाती है दिशाओं को तरानों की सौगात सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर इरादा सुनाती है कोशिश कोई कहानी देकर जाती है अफसानों को आशाओं की महफिल सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर सपना सुनाती है पहचान कोई सौगात देकर जाती है लहरों को बदलावों की पुकार सरगम दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर खयाल सुनाती है अदा कोई अफसाना देकर जाती है नजारों को राहों की आवाज सरगम दिलाती है।

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कविता. ५९७४ एक लहर अक्सर।

                            एक लहर अक्सर। एक लहर अक्सर आशाओं की महफिल अरमान जगाती है दास्तानों को नजारों की आहट समझ दिलाती है इरादों की पुका...