Monday, 23 January 2023

कविता. ४६९५. उम्मीद को अदाओं कि।

                                 उम्मीद को अदाओं कि।

उम्मीद को अदाओं कि सौगात अक्सर एहसास दिलाती है कदमों कि आहट से अरमानों कि कोशिश सरगम सुनाती है आशाओं कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि परख अक्सर अल्फाज दिलाती है लम्हों कि पुकार से दास्तानों कि पहचान दास्तान सुनाती है अरमानों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि मुस्कान अक्सर उजाला दिलाती है नजारों कि सोच से दिशाओं कि समझ कोशिश सुनाती है तरानों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि सुबह अक्सर तलाश दिलाती है लहरों कि सरगम से खयालों कि सोच अहमियत सुनाती है बदलावों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि कोशिश अक्सर अंदाज दिलाती है आशाओं कि सोच से आवाजों कि धून पुकार सुनाती है कदमों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि दास्तान अक्सर किनारा दिलाती है अरमानों कि पुकार से कदमों कि आहट पहचान सुनाती है लम्हों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि पहचान अक्सर बदलाव दिलाती है लहरों कि सुबह से अफसानों कि आस सपना सुनाती है खयालों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि पुकार अक्सर उमंग दिलाती है अंदाजों कि सरगम से आवाजों कि धून बदलाव सुनाती है एहसासों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि समझ अक्सर जज्बात दिलाती है आशाओं कि समझ से बदलावों कि सोच आवाज सुनाती है किनारों कि राह दिलाती है।

उम्मीद को अदाओं कि रोशनी अक्सर पहचान दिलाती है दास्तानों कि सोच से इशारों कि सरगम सपना सुनाती है जज्बातों कि राह दिलाती है।

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