Saturday, 7 December 2024

कविता. ५३४९. उम्मीदों की आस अक्सर।

                         उम्मीदों की आस अक्सर।

उम्मीदों की आस अक्सर एहसास दिलाती है कदमों से आशाओं की कहानी खयाल सुनाती है नजारों को दिशाओं की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर कोशिश दिलाती है लहरों से अंदाजों की पहचान तराना सुनाती है अरमानों को सपनों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर सुबह दिलाती है खयालों से अरमानों की पुकार अल्फाज सुनाती है लम्हों को आवाजों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर जज्बात दिलाती है राहों से आवाजों की धून अफसाना सुनाती है किनारों को अंदाजों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर दास्तान दिलाती है सपनों से किनारों की कहानी परख सुनाती है अफसानों को इरादों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर सरगम दिलाती है तरानों से एहसासों की उमंग सौगात सुनाती है अल्फाजों को किनारों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर सौगात दिलाती है बदलावों से कदमों की अहमियत मुस्कान सुनाती है इरादों को खयालों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर पुकार दिलाती है एहसासों से सपनों की सुबह एहसास सुनाती है दास्तानों को इशारों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर उमंग दिलाती है इशारों से जज्बातों की कहानी पहचान सुनाती है तरानों को बदलावों की तलाश दिलाती है।

उम्मीदों की आस अक्सर रोशनी दिलाती है इरादों से खयालों की समझ अहमियत सुनाती है लहरों को अफसानों की तलाश दिलाती है।

No comments:

Post a Comment

कविता. ५७९८. हर उजियारा कोई।

                               हर उजियारा कोई। हर उजियारा कोई कहानी देता है किनारों से जुडकर मुस्कान की निशानी देता है और लम्हों संग अल्फाजो...