Thursday, 10 September 2026

कविता. ५९७७ एक उम्मीद को लहरों की।

                          एक उम्मीद को लहरों की।

एक उम्मीद को लहरों की महफिल सरगम सुनाती है इशारों की आहट अक्सर बदलाव दिलाती है खयालों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की कहानी अफसाना सुनाती है अल्फाजों की रोशनी अक्सर इरादा दिलाती है सपनों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की दुनिया अल्फाज सुनाती है धाराओं की तलाश अक्सर मुस्कान दिलाती है जज्बातों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की सुबह अंदाज सुनाती है दिशाओं की पहचान अक्सर एहसास दिलाती है लम्हों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की सोच अरमान सुनाती है तरानों की पुकार अक्सर तलाश दिलाती है कदमों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की राह बदलाव सुनाती है किनारों की मुस्कान अक्सर कहानी दिलाती है अरमानों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की रोशनी पहचान सुनाती है आशाओं की महफिल अक्सर दास्तान दिलाती है आवाजों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की कोशिश पुकार सुनाती है खयालों की सरगम अक्सर तराना दिलाती है अंदाजों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की परख इशारा सुनाती है अफसानों की कहानी अक्सर जज्बात दिलाती है तरानों को नजारा दिलाती है।

एक उम्मीद को लहरों की सौगात उमंग सुनाती है अरमानों की सोच अक्सर पुकार दिलाती है अल्फाजों को नजारा दिलाती है।


No comments:

Post a Comment

कविता. ५९७९ आस की पुकार संग।

                              आस की पुकार संग। आस की पुकार संग उम्मीद नया तराना सुनाती है दिशाओं को अरमानों की कोशिश दास्तान जगाती है इशारों...