Friday, 19 December 2025

कविता. ५७२६. अरमानों को कोशिश संग।

                         अरमानों को कोशिश संग।

अरमानों को कोशिश संग आशाओं की पहचान तराने देकर जाती है इशारों की तलाश अक्सर उजालों की सुबह नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग अल्फाजों की सोच अफसाने देकर जाती है जज्बातों की पुकार अक्सर लम्हों की कहानी नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग राहों की अहमियत दास्ताने देकर जाती है खयालों की आवाज अक्सर एहसासों की उमंग नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग अदाओं की सरगम पुकार देकर जाती है दिशाओं की महफिल अक्सर धाराओं की सौगात नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग लहरों की आहट मुस्कान देकर जाती है कदमों की सोच अक्सर दिशाओं की महफिल नजारा दिलाती है।ऋलं

अरमानों को कोशिश संग बदलावों की राह इरादे देकर जाती है किनारों की दुनिया अक्सर उम्मीदों की आस नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग अंदाजों की सुबह सपने देकर जाती है अफसानों की रोशनी अक्सर अदाओं की समझ नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग दिशाओं की तलाश लहरे देकर जाती है आवाजों की सरगम अक्सर लम्हों की कहानी नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग उजालों की रोशनी उम्मीदे देकर जाती है बदलावों की सौगात अक्सर अंदाजों की सोच नजारा दिलाती है।

अरमानों को कोशिश संग दास्तानों की पुकार आवाज देकर जाती है दिशाओं की महफिल अक्सर जज्बातों की आस नजारा दिलाती है।

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