Monday, 14 September 2026

कविता. ५९८१ इशारों की आहट संग।

                            इशारों की आहट संग।

इशारों की आहट संग सरगम दिलाती है लम्हों को एहसासों की कोशिश अफसाना दिलाती है नजारों को दिशाओं की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग अंदाज दिलाती है सपनों को अरमानों की सोच पुकार दिलाती है जज्बातों को राहों की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग पहचान दिलाती है दास्तानों को कदमों की अहमियत कहानी दिलाती है आशाओं को अंदाजों की तलाश दिलाती है।

इशारों की‌ आहट संग तराना दिलाती है अल्फाजों को खयालों की सुबह मुस्कान दिलाती है धाराओं को उम्मीदों की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग कोशिश दिलाती है लहरों को किनारों की पहचान रोशनी दिलाती है बदलावों को तरानों की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग आवाज दिलाती है अंदाजों को राहों की सौगात उम्मीद दिलाती है अफसानों को उजालों की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग मुस्कान दिलाती है आशाओं को जज्बातों की उमंग सरगम दिलाती है अल्फाजों को लम्हों की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग दास्तान दिलाती है खयालों को दास्तानों की आस बदलाव दिलाती है कदमों को तरानों की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग सुबह दिलाती है किनारों को सपनों की पुकार लहर दिलाती है उजालों को आवाजों की तलाश दिलाती है।

इशारों की आहट संग सौगात दिलाती है अरमानों को अदाओं की धून पहचान दिलाती है दास्तानों को धाराओं की तलाश दिलाती है।

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कविता. ५९८१ इशारों की आहट संग।

                            इशारों की आहट संग। इशारों की आहट संग सरगम दिलाती है लम्हों को एहसासों की कोशिश अफसाना दिलाती है नजारों को दिशाओं...