Thursday, 15 October 2026

कविता . ६०१२ इशारों की अहमियत अक्सर।

                           इशारों की अहमियत अक्सर।

इशारों की अहमियत अक्सर पुकार संग एहसास दिलाती है लम्हों को जज्बातों की रोशनी से जुड़कर कोशिश उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर सुबह संग मुस्कान दिलाती है खयालों को सपनों की आस से जुड़कर सरगम उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर लहर संग अरमान दिलाती है दिशाओं को कदमों की आहट से जुड़कर तलाश उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर आवाज संग धून दिलाती है एहसासों को किनारों की सौगात से‌ जुड़कर उम्मीद उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर परख संग अफसाना दिलाती है धाराओं को अरमानों की राह से जुड़कर पुकार उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर कोशिश संग आस दिलाती है अफसानों को अंदाजों की पहचान से जुड़कर रोशनी उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर दास्तान संग सुबह दिलाती है लहरों को नजारों की सरगम से जुड़कर तलाश उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर मुस्कान संग अल्फाज दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ से जुड़कर परख उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर सौगात संग लहर‌ दिलाती है दास्तानों को आवाजों की धून से‌ जुड़कर मुस्कान उमंग दिलाती है।

इशारों की अहमियत अक्सर खयाल संग सपना दिलाती है इरादों को अफसानों की सोच से जुड़कर पहचान उमंग दिलाती है।

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कविता . ६०१२ इशारों की अहमियत अक्सर।

                           इशारों की अहमियत अक्सर। इशारों की अहमियत अक्सर पुकार संग एहसास दिलाती है लम्हों को जज्बातों की रोशनी से जुड़कर को...