Sunday, 11 October 2026

कविता. ६००८ उजालों की तलाश संग।

                            उजालों की तलाश संग।

उजालों की तलाश संग आशाओं से पहचान सहारा दिलाती है लम्हों को किनारों की मुस्कान कोशिश दिलाती है धाराओं को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग तरानों से पुकार आवाज दिलाती है कदमों को अल्फाजों की रोशनी उमंग दिलाती है खयालों को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग एहसासों से लहर आस दिलाती है धाराओं को अरमानों की आवाज सहारा दिलाती है सपनों को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग नजारों से सरगम इशारा दिलाती है अंदाजों को बदलावों की महफिल अल्फाज दिलाती है दिशाओं को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग धाराओं से परख मुस्कान दिलाती है इरादों को अफसानों की सोच तलाश दिलाती है अदाओं को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग राहों से सोच अरमान दिलाती है लहरों को नजारों की अहमियत सपना दिलाती है तरानों को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग दिशाओं से सौगात पहचान दिलाती है इशारों को अंदाजों की सरगम पुकार दिलाती है लहरों को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग आवाजों से मुस्कान अरमान दिलाती है दास्तानों को नजारों की आहट तराना‌ दिलाती है अरमानों को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग लहरों से आहट कोशिश दिलाती है खयालों को सपनों की समझ उम्मीद दिलाती है राहों को जज्बात दिलाती है।

उजालों की तलाश संग एहसासों से रोशनी बदलाव दिलाती है बदलावों को राहों की अहमियत आवाज दिलाती है दिशाओं को जज्बात दिलाती है।

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कविता. ६००९ दिशाओं की महफिल संग।

                             दिशाओं की महफिल संग। दिशाओं की महफिल संग इशारों से सरगम तलाश दिलाती है लहरों को खयालों की कहानी एहसास दिलाती है...