Sunday, 4 October 2026

कविता. ६००१ तलाश दिलाती है।

                            तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से जज्बातों की पुकार पहचान दिलाती है इरादों को धाराओं की सरगम मुस्कान दिलाती है कदमों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से अंदाजों की सोच अरमान दिलाती है किनारों को नजारों की कोशिश आवाज दिलाती है राहों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से दिशाओं की समझ रोशनी दिलाती है उजालों को सपनों की सौगात अंदाज दिलाती है लम्हों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से उजालों की उमंग अफसाना दिलाती है उम्मीदों को अल्फाजों की दुनिया समझ दिलाती है बदलावों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से खयालों की लहर धारा दिलाती है जज्बातों को बदलावों की आस किनारा दिलाती है सपनों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से अरमानों की परख मुस्कान दिलाती है तरानों को दिशाओं की पहचान इशारा दिलाती है अंदाजों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से लहरों की कहानी आवाज दिलाती है आशाओं को अफसानों की सौगात उमंग दिलाती है नजारों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से एहसासों की आस बदलाव दिलाती है इशारों को अरमानों की समझ उजाला दिलाती है किनारों को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से उम्मीदों की राह अल्फाज दिलाती है अदाओं को आवाजों की धून सरगम दिलाती है धाराओं को तलाश दिलाती है।

एक दास्तान से नजारों की सौगात अहमियत दिलाती है लहरों को कदमों की पहचान उम्मीद दिलाती है अदाओं को तलाश दिलाती है।


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कविता. ६००१ तलाश दिलाती है।

                            तलाश दिलाती है। एक दास्तान से जज्बातों की पुकार पहचान दिलाती है इरादों को धाराओं की सरगम मुस्कान दिलाती है कदमों...