Thursday, 8 October 2026

कविता. ६००५ कहानियों की सरगम संग।

                          कहानियों की सरगम संग।

कहानियों की सरगम संग दिशाओं से आवाज एहसास दिलाती है कदमों को अल्फाजों की सुबह मुस्कान दिलाती है उम्मीदों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग अंदाजों से दास्तान आस दिलाती है नजारों को लहरों की कहानी पहचान दिलाती है अदाओं की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग किनारों से कोशिश उमंग दिलाती है जज्बातों को इशारों की महफिल इशारा दिलाती है खयालों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग सपनों से तलाश रोशनी दिलाती है धाराओं को अरमानों की सोच आस दिलाती है तरानों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग अफसानों से सुबह लम्हा दिलाती है एहसासों को खयालों की सौगात अंदाज दिलाती है इरादों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग लम्हों से आहट बदलाव दिलाती है दास्तानों को उजालों की राह मुस्कान दिलाती है सपनों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग आशाओं से समझ तलाश दिलाती है लम्हों को धाराओं की अरमान जज्बात दिलाती है किनारों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग उजालों से पुकार उजाला दिलाती है इरादों को आशाओं की उमंग सपना दिलाती है उम्मीदों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग अरमानों से सोच जज्बात दिलाती है‌ सपनों को आवाजों की रोशनी आहट दिलाती है नजारों की परख सुनाती है।

कहानियों की सरगम संग राहों से अहमियत आवाज दिलाती है जज्बातों को बदलावों की आस अफसाना दिलाती है लम्हों की परख सुनाती है।


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                          अल्फाजों की सौगात अक्सर। अल्फाजों की सौगात अक्सर तलाश दिलाती है लम्हों को जज्बातों की रोशनी सपना सुनाती है इरादों ...