Saturday, 2 November 2024

कविता. ५३१४. अदाओं को दिशाओं की।

                             अदाओं को दिशाओं की।

अदाओं को दिशाओं की कहानी पहचान सुनाती है आवाजों को राहों की मुस्कान एहसास सुनाती है खयालों को इशारों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की लहर अल्फाज सुनाती है नजारों को आवाजों की धून अफसाना सुनाती है कदमों को उजालों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की सोच तराना सुनाती है जज्बातों को किनारों की समझ सरगम सुनाती है अंदाजों को बदलावों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की उमंग पुकार सुनाती है अरमानों को सपनों की सुबह आहट सुनाती है दास्तानों को उम्मीदों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की आस आवाज सुनाती है अंदाजों को इरादों की सोच अरमान सुनाती है किनारों को सपनों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की आहट सोच सुनाती है दास्तानों को एहसासों की कहानी पुकार सुनाती है लम्हों को कदमों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की सौगात तलाश सुनाती है इरादों को आशाओं की परख इरादा सुनाती है एहसासों को लहरों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की सुबह अंदाज सुनाती है उजालों को नजारों की उमंग सौगात सुनाती है आशाओं को अल्फाजों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की रोशनी एहसास सुनाती है किनारों को अंदाजों की आस अफसाना सुनाती है लम्हों को अफसानों की कोशिश सुनाती है।

अदाओं को दिशाओं की दास्तान आहट सुनाती है लम्हों को इशारों की समझ तलाश सुनाती है सपनों को दास्तानों की कोशिश सुनाती है।


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