Wednesday, 26 July 2023

कविता. ४८७९. राहों को अंदाजों की।

                                        राहों को अंदाजों की।

राहों को अंदाजों की समझ कोशिश दिलाती है लहरों को इशारों की सौगात तराना सुनाती है उजालों से आशाओं की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की आस पहचान दिलाती है कदमों को अदाओं की परख दास्तान सुनाती है उम्मीदों से धाराओं की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की पुकार अरमान दिलाती है जज्बातों को कदमों की आहट बदलाव सुनाती है खयालों से आवाजों की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की परख तलाश दिलाती है नजारों को एहसासों की कहानी सरगम सुनाती है तरानों से कदमों की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की लहर आस दिलाती है दिशाओं को बदलावों की सोच अफसाना सुनाती है अल्फाजों से उजालों की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की सोच सपना दिलाती है तरानों को अरमानों की आहट इशारा सुनाती है उम्मीदों से खयालों की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की पहचान उमंग दिलाती है इशारों को लम्हों की पहचान पुकार सुनाती है एहसासों से आवाजों की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की सौगात बदलाव दिलाती है आशाओं को नजारों की परख उमंग सुनाती है किनारों से इरादों की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की कोशिश कहानी दिलाती है दास्तानों को इरादों की आस खयाल सुनाती है एहसासों से जज्बातों की मुस्कान दिलाती है।

राहों को अंदाजों की लहर रोशनी दिलाती है किनारों को अल्फाजों की परख बदलाव सुनाती है नजारों से कदमों की मुस्कान दिलाती है।

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