Thursday, 30 April 2026

कविता. ५८५८. आवाज की धून अक्सर।

                            आवाज की धून अक्सर।

आवाज की धून संग अदाओं की पहचान इशारा दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया मुस्कान सुनाती है इरादों की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग धाराओं की समझ एहसास दिलाती है सपनों को अंदाजों की पुकार दास्तान सुनाती है नजारों की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग तरानों की सौगात अफसाना दिलाती है दिशाओं को बदलावों की उमंग कोशिश सुनाती है खयालों की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग अरमानों की सरगम उम्मीद दिलाती है नजारों को लम्हों की कहानी आस सुनाती है एहसासों की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग दिशाओं की महफिल लहर दिलाती है आशाओं को उजालों की राह आहट सुनाती है किनारों की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग उम्मीदों की तलाश बदलाव दिलाती है जज्बातों को अदाओं की परख सरगम सुनाती है धाराओं की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग लहरों की अहमियत सौगात दिलाती है किनारों को एहसासों की समझ सोच सुनाती है लम्हों की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग दास्तानों की कहानी इरादा‌‌ दिलाती है उजालों को बदलावों की रोशनी उम्मीद सुनाती है अदाओं की सुबह दिलाती है।

आवाज की धून संग कदमों की आस रोशनी दिलाती है अरमानों को अफसानों की सोच बदलाव सुनाती है नजारों की सुबह दिलाती है।

आवाज की‌ धून‌ संग उजालों की पुकार एहसास दिलाती है लहरों को आशाओं की अहमियत कहानी सुनाती है राहों की सुबह दिलाती है।

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कविता. ५८५८. आवाज की धून अक्सर।

                            आवाज की धून अक्सर। आवाज की धून संग अदाओं की पहचान इशारा दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया मुस्कान सुनाती है ...